December 26, 2010

इस का गिला नहीं

इस का गिला नहीं की दुआ बे-असर गई
इक आ़ह की थी वो भी कहीं जा के मर गई

ए हमनफ़स ना पूछ जवानी का माजरा
मौज-ए-नसीम थी, इधर आई उधर गई

मौज-ए-नसीम - wave of gentle breeze

दाम-ए-गम-हयात में उलझा गई उम्मीद
हम ये समझ रहे थे कि एहसान कर गई

दाम-ए-गम-ए-हयात- Net of sorrows of life

इस ज़िन्दगी से हमको ना दुनिया मिली ना दीन
तकदीर का मुशाहिदा करते गुज़र गई

दीन - Religion
मुशाहिदा - Inspection

बस इतना होश था मुझे रोज़-ए-विदा-ए-दोस्त
वी़राना था नज़र में जहां तक नजर गई

हर मौज आब-ए-सिंध हुई वक्फ-ए-पेच-ओ-ताब
"महरूम" जब वतन में हमारी खबर हुई

आब-ए-सिंध - Water of river sindh
वक्फ-ए-पेच-ओ-ताब - Extremely angry


त्रिलोक चंद महरूम

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