शे़र और ग़जलें
Showing posts with label
ओरहान वेली
.
Show all posts
Showing posts with label
ओरहान वेली
.
Show all posts
July 2, 2011
चिड़िया और आसमान
चिड़िया वाले
हमारे पास है एक चिड़िया
और एक पेड़ भी.
बस थोड़ा सा आसमान दे दो
दो कौड़ी का.
ओरहान वेली
होना उदास
नाराज हो सकता था मैं भी उनसे
जिनसे करता हूँ मुहब्बत
गर मुहब्बत ने सिखा न दिया होता
होना और रहना उदास.
ओरहान वेली
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)